" Wafa " - The ultimate word
Killer poetries
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Wednesday, 27 November 2013
चोट खा , फ़िर लिख दवा मेरे दर्द की
" ऐ हक़ीम " मत कर कोशिश मेरे दर्द को समझने की ,
.
.
पहले मोहब्बत कर , फिर चोट खा , फ़िर लिख दवा मेरे दर्द की ।.………
Hari Rajpoot
1 comment:
sandeep ek prayas
27 November 2013 at 10:35
तजुर्बा एक ही काफी था, बयान करने के लिए !
मैंने देखा ही नहीं, इश्क़ दोबारा कर के !!
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तजुर्बा एक ही काफी था, बयान करने के लिए !
ReplyDeleteमैंने देखा ही नहीं, इश्क़ दोबारा कर के !!