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Wednesday, 27 November 2013

चोट खा , फ़िर लिख दवा मेरे दर्द की

" ऐ हक़ीम " मत कर कोशिश मेरे दर्द को समझने की ,
.
पहले मोहब्बत कर , फिर चोट खा , फ़िर  लिख दवा मेरे दर्द की ।.……… Hari Rajpoot 

1 comment:

  1. तजुर्बा एक ही काफी था, बयान करने के लिए !

    मैंने देखा ही नहीं, इश्क़ दोबारा कर के !!

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