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Thursday, 31 October 2013

दौर मोहब्बत का


कहाँ  का  इश्क़ ? कहाँ  की  वफ़ा ? कहाँ  की  मोहब्बत ,
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अरे  साहिब  वो  लोग  भी  गुज़र  गए  , वो  दौर  भी  गुज़र  या .........Hari Rajpoot

Tuesday, 29 October 2013

आशिक़ - क़ैद परिंदे


पिंजरे  में  क़ैद  परिंदों  को  देखा  है  कभी ,
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ऐसे  ही  सिसकते  हैं  मोहब्बत  के  मरीज़  अक्सर ......... Hari Rajpoot

Saturday, 26 October 2013

इंसान की फ़ितरत को क्या ख़ूब समझते हैं परिंदे


इंसान  की  फ़ितरत  को  क्या  ख़ूब  समझते  हैं  परिंदे  भी ,
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कितना  भी  प्यार  से  बुलाओ  मगर  पास  नहीं  आते .......Hari Rajpoot 

Thursday, 24 October 2013

ना शौक़ -ए -दीदार , ना फ़िकर -ए -जुदाई


ना  शौक़ -ए -दीदार  , ना  फ़िकर -ए -जुदाई 
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कितने  ख़ुशनसीब  हैं  जो  मोहब्बत  नहीं  करते  ....... Hari Rajpoot

Wednesday, 23 October 2013

इश्क़ - शौक़ मरने का


क्या  यही  है  क़माल  इश्क़  का ,
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उमर  जीने  की  और  शौक़  मरने  के  ....... Hari Rajpoot

मुरव्वत


इतने  संगदिल  न  बनो  कुछ  तो  मुरव्वत सीखो  ,
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तुम  पे  मरते  हैं  तो  क्या  मार  ही  डालोगे  .......Hari Rajpoot

Saturday, 19 October 2013

दर्द ख़ामोशी का

सलीक़ा  हो  दर्द  समझने  का ,
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तो  किसी  की  ख़ामोशी  भी  बात  करती  है ......Hari Rajpoot

बेवफ़ाई

बेवफ़ाई  की  सारी  किताबों  में ,
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तुझ  जैसी  मिसाल  नहीं......…Hari Rajpoot