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Monday, 13 March 2017

दर्द की शिद्दत

ज़ख्म दे कर नहीं पूछते दर्द की शिद्दत ,
दर्द तो दर्द है , थोड़ा क्या और ज़्यादा क्या  ...Hari Rajpoot

Monday, 14 April 2014

ज़िन्दगी के कुछ दिन


वो साथ थी मेरे , या हम पास थे उनके ,
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वो ज़िन्दगी के कुछ दिन , या ज़िन्दगी थी कुछ दिन। ............ Hari Rajpoot

Monday, 17 March 2014

वफ़ा के नाम पर


प्यार के लफ्ज़ से भरोसा उठ सा गया है ,
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तुमने वफ़ा के नाम पर बहुत गलत किया है। ………  Hari Rajpoot

Wednesday, 26 February 2014

मौत का अरमान


मेरी मौत की ख़बर देना उसे , लेकिन इन लफ़्ज़ों में ,
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तुम्हारा सदियों से जो अरमान था , आज पूरा हो गया। ....... Hari Rajpoot 

Saturday, 4 January 2014

जनाज़े की बारात

ज़िंदा लोगों का हाल पूछती नहीं ये दुनिया ,
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चले आते हैं लोग जनाज़े पे बारात की तरह। …… Hari Rajpoot

Wednesday, 27 November 2013

चोट खा , फ़िर लिख दवा मेरे दर्द की

" ऐ हक़ीम " मत कर कोशिश मेरे दर्द को समझने की ,
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पहले मोहब्बत कर , फिर चोट खा , फ़िर  लिख दवा मेरे दर्द की ।.……… Hari Rajpoot 

Friday, 15 November 2013

बेवफ़ाई तो यहाँ सभी करते हैं


बेवफ़ाई  तो  यहाँ  सभी  करते  हैं ,
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आप  तो  समझदार थीं कुछ तो नया करतीं........... Hari Rajpoot 

Thursday, 31 October 2013

दौर मोहब्बत का


कहाँ  का  इश्क़ ? कहाँ  की  वफ़ा ? कहाँ  की  मोहब्बत ,
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अरे  साहिब  वो  लोग  भी  गुज़र  गए  , वो  दौर  भी  गुज़र  या .........Hari Rajpoot

Tuesday, 29 October 2013

आशिक़ - क़ैद परिंदे


पिंजरे  में  क़ैद  परिंदों  को  देखा  है  कभी ,
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ऐसे  ही  सिसकते  हैं  मोहब्बत  के  मरीज़  अक्सर ......... Hari Rajpoot

Saturday, 26 October 2013

इंसान की फ़ितरत को क्या ख़ूब समझते हैं परिंदे


इंसान  की  फ़ितरत  को  क्या  ख़ूब  समझते  हैं  परिंदे  भी ,
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कितना  भी  प्यार  से  बुलाओ  मगर  पास  नहीं  आते .......Hari Rajpoot 

Thursday, 24 October 2013

ना शौक़ -ए -दीदार , ना फ़िकर -ए -जुदाई


ना  शौक़ -ए -दीदार  , ना  फ़िकर -ए -जुदाई 
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कितने  ख़ुशनसीब  हैं  जो  मोहब्बत  नहीं  करते  ....... Hari Rajpoot

Wednesday, 23 October 2013

इश्क़ - शौक़ मरने का


क्या  यही  है  क़माल  इश्क़  का ,
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उमर  जीने  की  और  शौक़  मरने  के  ....... Hari Rajpoot

मुरव्वत


इतने  संगदिल  न  बनो  कुछ  तो  मुरव्वत सीखो  ,
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तुम  पे  मरते  हैं  तो  क्या  मार  ही  डालोगे  .......Hari Rajpoot

Saturday, 19 October 2013

दर्द ख़ामोशी का

सलीक़ा  हो  दर्द  समझने  का ,
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तो  किसी  की  ख़ामोशी  भी  बात  करती  है ......Hari Rajpoot

बेवफ़ाई

बेवफ़ाई  की  सारी  किताबों  में ,
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तुझ  जैसी  मिसाल  नहीं......…Hari Rajpoot